Google अपनी सर्विस को और बेहतर बनाने के लिए लगातार नए इनोवेशन और टेक्निक पर काम कर रहा है। अब कहा जा रहा है कि Google ऐसे AI सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है इंसानों की रीजनिंग एबिलिटी की नकल करेगा।
एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस नए सॉफ्टवेयर को मैथ और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की फील्ड की कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए तैयार किया जा रहा है। जो भी मौजूद AI सिस्टम के कंट्रोल के बाहर है।
Bloomerg ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि हाल के महीनों में Alphabet inc. गूगल की कई टीमें AI रीजनिंग सॉफ्टवेयर पर काम कर रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, Google के इस कदम को OpenAI के बनाए ChatGPT के कंप्टीशन के तौर पर देखा जा रहा है। OpenAI ने भी o1 मॉडल का ऐलान किया था, जिसे पहले Strawberry के नाम से जाना जाता था।
रिपोर्ट के मुताबिक, Google की गई टीमें इस सॉफ्टवेयर पर काम कर रही हैं। इसके लिए chain of thought prompting टेक्निक का यूज किया जा रहा है।
Google की ये मेथड AI को रेस्पॉन्स करने से पहले रुकने और सोचने की परमिशन देती है। ये ठीक वैसा है जब कोई व्यक्ति किसी सवाल का जवाब देने के लिए सोचता है। ठीक वैसे ही जैसे मनुष्य समस्याओं के बारे में सोचते हैं। दो लोगों के मुताबिक रीजनिंग बिहाइंड द सीन और यूजर के लिए इनविजिबल होती है।
रिपोर्ट उस वक्त आई है जब Google DeepMind और BioNTech रिसरचर्स को साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट की प्लानिंग और रिजल्ट की बेहतर भविष्यवाणी करने में मदद करने के लिए AI Lab Assitants बना रहे हैं ।
Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक, Google की AI Arm के चीफ सर डेमिस हसबिस रिसर्च असिस्टेंट के तौर पर काम करने के लिए स्पेशलAI मॉडल डेवलप करने के लिए काम कर रहे हैं।
हसबिस के मुताबिक- हम साइंस के बड़े लैंग्वेज मॉडल पर काम कर रहे हैं। जो एक रिसर्च असिस्टेंट की तरह हो सकता है। आपको किसी एक्सपेरिमेंट के रिजल्ट की भविष्यवाणी करने में मदद कर सकता है।
साल 2022 में Deepmind ने AlpaFold के नाम से फेमस AI System तैयार किया। इसने लगभग सभी प्रोटीन के 3डी स्ट्रक्चर की सफलतापूर्वक भविष्यवाणी की, जिन्हें हम सब जानते हैं।
इस उपलब्धि ने एक चुनौती को हल किया, जिसके लिए वैज्ञानिकों को आधी सदी से संघर्ष करना पड़ रहा था। इस मॉडल को ऑर्गेनिक रिसर्च में क्रांति लाने की क्षमता के तौर पर देखा जाता है। इससे कई बीमारियों के लिए दवा बनाने और ट्रीटमेंट में तेजी लाई जा सकती है।